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Monday, 3 December 2012

पोंटिंग ने भी माना, तेंदुलकर ही हैं सर्वश्रेष्ठ


सिडनी। क्रिकेट जगत के महान खिलाड़ियों में से एक रिकी पोंटिंग ने आज क्रिकेट जगत को अलविदा कह दिया और जाते-जाते वह एक ऐसी बात कह गए जिसने भारत में सचिन के करोड़ों फैंस के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। पोंटिंग ने कहा कि उन्होंने दुनिया के जितने बल्लेबाजों के खिलाफ खेला उनमें सचिन से बढ़कर ना कोई हुआ है और ना कोई होगा। वहीं, वह हरभजन सिंह की तारीफ करने से भी नहीं कतराए।
क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह चुके पंटर से जब यह पूछा गया कि उनके दौर में कौन सा ऐसा बल्लेबाज था जिसको वह सर्वश्रेष्ठ मानते हैं तो उन्होंने कहा, 'मेरे मुताबिक जितने भी खिलाड़ियों के खिलाफ मैंने खेला उनमें सचिन सर्वश्रेष्ठ थे और यह विचार एक कप्तान के नजरिए से भी बोल रहा हूं क्योंकि उसने [सचिन तेंदुलकर] ना सिर्फ अपने देश की परिस्थितियों में बल्कि हमारी परिस्थितियों में भी आकर हमारे खिलाफ शानदार सफलता हासिल की।' पोंटिंग टेस्ट क्रिकेट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बाद रन बनाने वाले दूसरे नंबर के खिलाड़ी हैं। पंटर ने 168 टेस्ट मैचों में 51.85 के औसत से 13,378 रन बनाए जिस दौरान उन्होंने 41 शतक व 62 अर्धशतक जड़े और उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा 257 रनों की अद्भुत पारी वहीं मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अब तक 192 टेस्ट मैचों में 54.60 के औसत से 15,562 रन बना चुके हैं जिस दौरान उनके बल्ले से 51 शतक और 65 अर्धशतक निकल चुके हैं व सचिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है 248 रनों की नाबाद पारी।
सचिन के अलावा अन्य बल्लेबाजों के बारे में बोलते हुए रिकी पोंटिंग ने कहा, 'मुझे सबसे कम नींद तब आती थी जब अगले दिन मेरी टीम को ब्रायन लारा जैसे बल्लेबाज का सामना करना होता था क्योंकि मुझे पता था कि वह अकेले मैच का रुख पलट सकता था। मैं जिस पैमाने पर खिलाड़ियों का आंकलन किया है वह उनके अकेले मैच जिताने की क्षमता पर निर्भर करता था और लारा उस क्षेत्र के स्टार थे और उन्होंने यह इतनी बार किया जितनी बार सचिन भी भारत के लिए नहीं कर सके। वहीं आप जाक कालिस की क्षमता को भी नजरअंदाज नहीं कर सकते। वह गेंदबाजी भी करते रहे हैं और ऐसे में पूरा-पूरा दिन टेस्ट क्रिकेट में विकेट पर जमे रहना वाकई अद्भुत है। मैं अपने आपको काफी किस्मत वाला महसूस करता हूं जो मुझे अपने दौर में इतने महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला और अगर मेरा नाम कहीं इनके बीच शामिल होता है तो यह शानदार होगा।' वहीं गेंदबाजों में पाकिस्तान के वसीम अकरम व वेस्टइंडीज के कर्टली एम्ब्रोस को सबसे घातक बताते हुए पोंटिंग हरभजन सिंह को भी सम्मानपूर्वक याद करने से नहीं भूले। पोंटिंग ने कहा, 'हरभजन उन गेंदबाजों में रहे जिन्होंने मुझे विकेट पर जाने कितनी बार दुखी किया। उन्होंने मुझे कई बार आउट किया और मुझे पिच पर अपनी गेंदों से बहुत परेशान किया।' हरभजन सिंह ने पोंटिंग को उनके करियर में दस बार आउट किया जिनमें तीन बार पोंटिंग को शून्य पर पवेलियन लौटना पड़ा। पोंटिंग को तीन बार टेस्ट में शून्य पर पवेलियन भेजने का कारनामा सिर्फ भज्जी ही कर सके

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