इस्लामाबाद। लश्कर के संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद ने पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत की ओर से पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराएं जाने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं सईद ने पाकिस्तान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कश्मीर के मसले को सुलझाने में वह नाकाम रही हैं।
गौरतलब है कि सईद 2008 में मुबंई में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है। हाफिज सईद ने कहा कि इस हमले से संबंधित जो भी सबूत भारत सरकार की ओर से सौंपे गए उन सभी को पाकिस्तान की कोर्ट ने खारिज कर दिया हैं।
सईद ने कहा कि मुबंई में हुए इस आतंकी हमले को चार साल बीत गए हैं बावजूद इसके भारत उसके खिलाफ कोई ऐसा साक्ष्य पेश नहीं कर पाई है जिससे यह साबित हो सके की उसका इस हमले में कोई हाथ था। सईद ने आगे कहा कि भारत की ओर से उपलब्ध किसी साक्ष्य को पाकिस्तान की कोर्ट द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सका।
भारत के आरोपों पर सईद को हिरासत में लिया गया था लेकिन उसके खिलाफ सुबूतों को कोर्ट ने पर्याप्त नहीं माना। इस कारण उसे रिहा करना पड़ा। सईद इस समय जमात-उद-दावा [जेयूडी] का प्रमुख है। मुंबई हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जेयूडी को लश्कर का मुखौटा संगठन घोषित किया था। इसके बाद सईद को करीब छह महीने तक नजरबंद रखा गया था। लाहौर हाई कोर्ट के आदेश के बाद उसे रिहा कर दिया गया। बाद में लश्कर संस्थापक को पाकिस्तान में हुई घटनाओं को लेकर हिरासत में लिया गया। लेकिन सुबूतों के अभाव में उसे एक बार फिर छोड़ दिया गया। अमेरिका ने इसी वर्ष सईद पर एक करोड़ डॉलर [करीब 55 करोड़ रूपये] का इनाम घोषित किया है। इसके बावजूद वह लाहौर में खुलेआम घूम रहा है। उसने वहा कई रैलिया आयोजित कर अमेरिका और भारत के खिलाफ बयान दिया है

No comments:
Post a Comment